सुंजवान: खुफिया इनपुट्स से टला उड़ी हमले जैसा नुकसान
जम्मू के सुंजवान में शनिवार को आर्मी कैंप में जैश-ए-मोहम्मद ने फिदायीन हमला किया। जानकारी की मानें तो 9 फरवरी को अफजल गुरू की पुण्यतिथि के मद्देनजर सुरक्षा और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पहले ही चेतावनी जारी कर दी गई थी।
अबूधाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने मित्र के रूप में बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पीएम मोदी के दूसरे घर की तरह ही है।
इसी बीच भारत-मालदीव के संबंध इतने बिगड़ गए कि यामीन सरकार ने किसी भी भारतीय चिंता के प्रति जवाबदेही ही खत्म कर दी। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि यामीन सरकार के लिए इंडिया फर्स्ट अब चाइना फर्स्ट हो गया है, लेकिन ऐसा हुआ कैसे?